नक्सल पीड़ितों के आंसू पोंछने पहुंचे डॉ. प्रेमा साईं, चार परिवारों को दी आर्थिक मदद
चार परिवारों को दी आर्थिक मदद


बीजापुर। बस्तर के दुर्गम इलाकों में बारिश और कीचड़ के बीच मां मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमा साईं जी महाराज नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचे। यमपुर से नेलाकांकेर तक की इस यात्रा में रास्ते की मुश्किलों के बावजूद उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना और सहयोग दिया।

यमपुर में दो परिवारों को 21-21 हजार रुपये की मदद
यमपुर में नक्सल हिंसा में जान गंवाने वाले सुन्नम सम्मैया और वेक्को संदीप के परिवारों से मुलाकात कर दोनों को 21-21 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई। महिलाओं को साड़ी और बच्चों को कपड़े व स्कूल सामग्री भी बांटी गई।
इसके बाद महाराज जी नेलाकांकेर पहुंचे। यहां नक्सल हिंसा में मारे गए तिरुपति सोढ़ी के परिवार को 31 हजार रुपये की सहायता दी और उनकी बेटी संध्या की शादी का पूरा खर्च उठाने के साथ कन्यादान करने की घोषणा की।
वहीं 23 वर्षीय रवि कट्टम के परिवार को भी 31 हजार रुपये की सहायता दी गई। बच्चों को कपड़े, स्कूल बैग, कॉपी-पेन और चप्पल बांटी गईं। महाराज जी ने कई बच्चों को अपने हाथों से चप्पल पहनाई।
ग्रामीणों के साथ बैठकर भोजन किया और उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को यह भरोसा दिलाना जरूरी है कि वे अकेले नहीं हैं, समाज उनके साथ खड़ा है।

ग्रामीणों से बातचीत के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा को ‘देव पुरुष’ बताते हुए बस्तर में शांति और विकास के प्रयासों की सराहना की।




