शिक्षा के साथ संस्कार का संदेश: बाल संस्कार शिशु मंदिर में भावपूर्ण मातृ-पितृ पूजन एवं वार्षिकोत्सव
लोकसंस्कृति की गूंज और माता-पिता का सम्मान — बरगा में भव्य वार्षिकोत्सव सम्पन्न


संवाददाता-सुभम सोनी बेमेतरा- थानखम्हरिया— ग्राम बरगा स्थित बाल संस्कार शिशु मंदिर विद्यालय में मंगलवार को वार्षिकोत्सव एवं भव्य मातृ-पितृ पूजन दिवस का आयोजन अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। पूरे विद्यालय परिसर को आकर्षक सजावट से सुसज्जित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, ग्रामीणजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती एवं संत श्री आशारामजी बापू के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। तत्पश्चात विद्यालयीन विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
*भारतीय संस्कृति के साथ छत्तीसगढ़ी लोकधारा की अद्भुत प्रस्तुति*
वार्षिकोत्सव के अवसर पर विद्यार्थियों ने देशभक्ति, सांस्कृतिक एवं भक्तिमय कार्यक्रमों की आकर्षक प्रस्तुति दी। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ अंचल की लोकसंस्कृति की झलक ने दर्शकों का मन मोह लिया। बच्चों ने जंवारा गीत, होली गीत, सरगुजिया-बस्तरिहा गीत, चंदैनी गीत, देवारगीत एवं सुवागीत जैसे पारंपरिक लोकगीतों एवं लोकनृत्यों की प्रस्तुति देकर सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमान कर दिया।
नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने आधुनिक समय में मोबाइल के दुष्प्रभाव पर सारगर्भित संदेश प्रस्तुत किया, जिसने अभिभावकों एवं दर्शकों को सोचने पर विवश कर दिया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की प्रतिभा, आत्मविश्वास एवं मंच संचालन क्षमता ने सभी को प्रभावित किया।
*अतिथियों की गरिमामय उपस्थिति*
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गंगाधर साहू (नवोदय विशेषज्ञ) उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष श्रवण कुमार साहू ने की।
विशिष्ट अतिथियों में पीलुराम साहू (संकुल समन्वयक हांटरांका), कन्हैया लहरे (प्रधान पाठक बरगा), डॉ. सुशील श्रीवास, हेमंत साहू (शिक्षक), वीरसिंह साहू एवं अजय साहू (अजय क्लासेस) सम्मिलित हुए। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में श्रवण कुमार साहू ने कहा—
“बाल संस्कार शिशु मंदिर का उद्देश्य विद्यार्थियों का केवल शैक्षणिक विकास करना नहीं, बल्कि उनके नैतिक, सांस्कृतिक एवं चारित्रिक विकास को सुनिश्चित करना है, ताकि वे संस्कारवान एवं जिम्मेदार नागरिक बन सकें। शिक्षा तभी सार्थक है जब उसमें संस्कार और चरित्र का समावेश हो।”
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मुख्य अतिथि गंगाधर साहू ने विद्यालय परिवार की सराहना करते हुए कहा कि बाल्यावस्था में दिए गए संस्कार ही जीवन की मजबूत नींव होते हैं। उन्होंने कहा कि बाल संस्कार शिशु मंदिर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान कर समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
*सामूहिक मातृ-पितृ पूजन: भावनाओं से भरा अद्भुत दृश्य*
कार्यक्रम के दूसरे चरण में सामूहिक रूप से मातृ-पितृ पूजन दिवस मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने विधिवत अपने माता-पिता का पूजन कर उनके चरण स्पर्श किए तथा परिक्रमा की। यह भावनात्मक दृश्य उपस्थित अभिभावकों एवं ग्रामीणों के लिए अत्यंत हृदयस्पर्शी रहा। कई अभिभावकों की आँखें गर्व और आनंद से नम हो उठीं।मातृ पितृ पूजन महोत्सव में विशेष सहयोग बलराम भाई भोरमदेव, राधेश्याम प्रधान पाठक पदमी , मोहन शिक्षक बेरला, अनुप भाई बेमेतरा, अयोध्या प्रसाद यदु , प्रदीप कुमार यदु बेमेतरा, कीर्ति भाई, बहेरा, खोमेंद्र सिन्हा थानखम्हरिया की विशेष भूमिका रही।
*उत्कृष्ट विद्यार्थियों का सम्मान*
कार्यक्रम के अंतिम चरण में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एवं प्रतिभागी विद्यार्थियों को अतिथियों के करकमलों से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नवोदय विद्यालय में चयनित विद्यार्थियों, खेल के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता करने वाले छात्रों सहित अन्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस सम्मान समारोह ने विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार किया।
*शिक्षकगण का सराहनीय योगदान*
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकगण राजेंद्र निषाद, अनुराधा यादव, रोमा निषाद, सीता लहरे, गायत्री साहू, गीतेश्वरी साहू, तिलेश्वरी साहू, पूर्णिमा साहू, सरोज साहू एवं दिव्या साहू का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का सफल संचालन एवं आभार प्रदर्शन संस्था प्रमुख डॉ. रेवाराम पाल द्वारा किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं सहयोगियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।




