नेता जी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय में गंभीर लापरवाही का आरोप, बच्चों से कराए जा रहे सफाई और रसोई कार्य!
बच्चों से कराए जा रहे सफाई और रसोई कार्य!


नेता जी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय, केसकुतुल में गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही का मामला सामने आया है। यह विद्यालय बीजापुर जिले के भैरमगढ़ के पास केसकुतुल ग्राम में स्थित है।
मिली जानकारी के अनुसार, भारत अपडेट न्यूज की टीम जब विद्यालय पहुंची, तो चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई। बताया गया कि विद्यालय में लगभग 15 सफाई कर्मचारी तैनात होने के बावजूद सफाई का कार्य आदिवासी बच्चों से कराया जा रहा है।
बच्चों का आरोप है कि—
▪️ बाथरूम की गंदगी तक उनसे साफ कराई जाती है।
▪️ खाना बनाने, सब्जी काटने और यहां तक कि मुर्गा काटने जैसे कार्य भी विद्यार्थियों से कराए जाते हैं।
▪️ विरोध करने पर मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना दी जाती है।
विद्यालय में लगभग 350 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। आरोप है कि बाथरूम की खराब स्थिति के कारण कई बच्चे 7 फीट ऊंची बाउंड्री कूदकर बाहर जाने को मजबूर हैं, जिससे किसी भी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
विद्यालय के अधीक्षक पोदियाराम कवासी पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। न्यूज टीम द्वारा पूछताछ करने पर कथित तौर पर अधीक्षक ने कहा कि खबरों से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता और पद से हटाए जाने पर भी उन्हें कोई चिंता नहीं है।
❓ बड़े सवाल
▪️ क्या इसी तरह आदिवासी बच्चों से श्रम करवाया जाता रहेगा?
▪️ क्या शिक्षा के नाम पर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हो रहा है?
▪️ क्या जिम्मेदारों को किसी बड़े अधिकारी या राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है?
▪️ प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करेगा?
यह मामला यदि सत्य है तो न केवल शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि बाल अधिकारों और मानवाधिकारों का भी गंभीर उल्लंघन दर्शाता है।




