विश्व सामाजिक न्याय दिवस पर बेमेतरा में विधिक जागरूकता की अलख
बेमेतरा में विधिक जागरूकता की अलख



संवाददाता-सुभम सोनी (बेमेतरा), 20 फरवरी 2026। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नई दिल्ली) एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर द्वारा संचालित “स्टेट प्लान ऑफ एक्शन कैलेंडर 2026” के तहत आज “विश्व सामाजिक न्याय दिवस” के अवसर पर जिले में व्यापक स्तर पर विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।
अध्यक्ष/प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती सरोज नन्द दास के मार्गदर्शन में नगर पंचायत कुसमी सहित ग्राम जामगांव, मजगांव, पंडरमठठा, पेण्डीतराई और मोहगांव (साजा) में आयोजित शिविरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
शिविर में अधिकार मित्रों ने उपस्थित लोगों को बताया कि सामाजिक न्याय का वास्तविक अर्थ समाज के प्रत्येक वर्ग को समान अधिकार, अवसर और सम्मान प्रदान करना है। गरीबी, सामाजिक बहिष्कार, लैंगिक असमानता, बेरोजगारी, मानवाधिकार संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक जाति, धर्म, लिंग या आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव समाप्त नहीं होगा, तब तक सामाजिक न्याय की स्थापना अधूरी रहेगी।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न कानूनी योजनाओं एवं प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। इनमें घरेलू हिंसा अधिनियम, लोक अदालत, मध्यस्थता, भरण-पोषण कानून, महिलाओं के अधिकार, मोटरयान दुर्घटना दावा प्रकरण, हिट एंड रन योजना तथा नवीन मोटरयान अधिनियम के तहत ड्राइविंग लाइसेंस की अनिवार्यता जैसे विषय शामिल रहे। साथ ही आम नागरिकों को नि:शुल्क विधिक सहायता के लिए नालसा के टोल फ्री नंबर 15100 की जानकारी दी गई।
शिविर का उद्देश्य केवल कानून की जानकारी देना नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता और सकारात्मक सोच का प्रसार करना भी रहा। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकार मित्रों ने लोगों से अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने और जरूरत पड़ने पर विधिक सहायता लेने का आग्रह किया।
इस आयोजन ने ग्रामीण अंचलों में न्याय के प्रति विश्वास और जागरूकता की नई ऊर्जा भरने का कार्य किया।




