स्व-सहायता समूह से जुड़कर “लखपति दीदी” बनीं प्रीति पटेल, बदली आर्थिक तस्वीर
प्रीति पटेल, बदली आर्थिक तस्वीर

बेमेतरा | 19 फरवरी 2026
जिले के ग्राम धोबानी खुर्द से एक प्रेरणादायक खबर सामने आई है। स्व-सहायता समूह से जुड़कर श्रीमती प्रीति पटेल ने अपनी मेहनत और लगन से आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। आज वे गांव में “लखपति दीदी” के नाम से पहचानी जाती हैं।
आर्थिक संघर्ष से सफलता तक वर्ष 2018 में प्रीति पटेल लक्ष्मी स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। उस समय परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। समूह के माध्यम से उन्हें सामुदायिक निवेश निधि (CIF) के तहत 60 हजार रुपये का ऋण मिला। इस सहायता से उन्होंने सब्जी उत्पादन और पापड़-बड़ी निर्माण का कार्य शुरू किया।
बाद में बैंक ऋण लेकर बकरी पालन और गाय पालन भी प्रारंभ किया। धीरे-धीरे आय के स्थायी स्रोत बने और परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
योजनाओं से मिला संबल
राज्य शासन द्वारा संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) एवं “लखपति दीदी” अभियान के तहत महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और विपणन सहायता प्रदान की जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।
प्रीति को शासकीय आवास योजना का लाभ भी मिला, जिससे उन्होंने बैंक ऋण और सरकारी सहयोग से पक्का मकान बनवाया।
बनीं प्रेरणा स्रोत
आज प्रीति पटेल गांव की अन्य महिलाओं को भी स्व-सहायता समूह से जुड़ने और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि संगठित प्रयास, सरकारी योजनाओं का सही उपयोग और मेहनत से ग्रामीण महिलाओं का जीवन बदला जा सकता है।
— संवाददाता शुभम सोनी
भारत अपडेट न्यूज़, बेमेतरा





